नई दिल्ली, June 3, ( Political Insight) : तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘सिंघम’ के नाम से लोकप्रिय के. अन्नामलाई के पार्टी से इस्तीफे की अटकलों के बीच मंगलवार को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद भाजपा नेतृत्व ने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को भी चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है।
नैनार नागेंद्रन को दिल्ली बुलाए जाने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व दोनों नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को दूर करने और स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा है। जानकारी के अनुसार, अन्नामलाई से भी अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्नामलाई ने अभी तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि वह नैनार नागेंद्रन के साथ चल रहे मतभेदों का समाधान निकालने और अपनी चिंताओं से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के लिए दिल्ली पहुंचे थे।
बताया जा है कि अमित शाह के साथ हुई बैठक में अन्नामलाई ने वर्ष 2025 में तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद से हटाए जाने और उसके बाद एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को लेकर राज्य इकाई के नेतृत्व से अपने लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों पर चर्चा की।
जानकारी के अनुसार, अन्नामलाई ने इस्तीफा स्वीकार होने की स्थिति में तुरंत चेन्नई लौटने की योजना बनाई थी। उनका उद्देश्य पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंधों को प्रभावित किए बिना कुछ दूरी बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, उन्हें अपना निर्णय बदलने के लिए कहा गया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्हें राज्यसभा का टिकट और केंद्रीय मंत्री पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय रहने को प्राथमिकता देते हुए इसे स्वीकार नहीं किया।
दिल्ली दौरे के दौरान अन्नामलाई ने सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की। वहीं, तमिलनाडु में उनके समर्थक कई जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं ने उनके पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच इस्तीफा दे दिया है।