नई दिल्ली, June 1, (Political Insight) : देशभर में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और CBSE की परीक्षा प्रणाली को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि आम जनता और युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महंगाई और बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर वे बड़े धर्माचार्य अब कहां हैं, जो पहले मुखर होकर अपनी बात रखते थे। उदीत राज ने पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की बढ़ती कीमतों को जनता का शोषण बताया।
सरकार ने की 40-45 लाख करोड़ रुपये की कमाई
कमर्शियल LPG की कीमतों में वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए उदीत राज ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तब देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं किए जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तेल से 40 से 45 लाख करोड़ रुपये की कमाई की है, जबकि महंगाई का बोझ लगातार आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने इसे जनता का शोषण करार देते हुए युवाओं से इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
युवाओं को नौकरी की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए
वहीं, राहुल गांधी के CBSE और परीक्षा प्रणाली को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए उदीत राज ने कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, युवाओं को नौकरी और निष्पक्ष परीक्षाओं की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो छात्र पढ़ाई में तेज हैं और यह सोचते हैं कि उन्हें योग्यता के आधार पर नौकरी मिल जाएगी, उन्हें भी यह उम्मीद छोड़ देनी चाहिए। उदीत राज ने आरोप लगाया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली ने छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
‘परीक्षाएं अब लूट का सबसे बड़ा जरिया बन गई हैं’
उदीत राज ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर हेरफेर हो रहा है और पूरी व्यवस्था समझौते का शिकार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं अब लूट का सबसे बड़ा जरिया बन गई हैं। साथ ही शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसी शिक्षा मंत्री पर इतने भ्रष्टाचार के आरोप लगते नहीं देखे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनका स्वभाव ऐसा है कि जो नेता जितना अधिक भ्रष्ट होता है, वह उनके उतना ही करीब होता है।
कांग्रेस नेता के इन बयानों के बाद महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।