नई दिल्ली, May 22 (Political Insight) : एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) की 68वीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग का शुभारंभ नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ। इस तीन दिवसीय बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता, उत्पादकता विशेषज्ञ और राष्ट्रीय उत्पादकता संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में उत्पादकता सिर्फ काम की गति बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नवाचार, तकनीक, लचीलापन और समावेशी विकास भी शामिल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, यूपीआई और ओएनडीसी जैसी योजनाओं को भारत के विकास का बड़ा आधार बताया। एनपीसी इंडिया की महानिदेशक नीरजा सेखर ने डिजिटल परिवर्तन, हरित उत्पादकता और एमएसएमई को मजबूत बनाने पर जोर दिया। वहीं डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि एपीओ विज़न 2030 सदस्य देशों के बीच सहयोग और बेहतर प्रशासन को मजबूत करेगा।
बैठक के दौरान एपीओ राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किए गए। उत्पादकता समर्थक पुरस्कार गुजरात के अशोक पंजवानी को और उत्पादकता तकनीकी विशेषज्ञ पुरस्कार बाकुल लिम्बासिया को दिया गया। इसके अलावा विदुषी मित्तल, अंशुल मल्होत्रा और अखंड प्रताप सिंह को एनपीसी विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। इस बैठक में एपीओ के नए नेतृत्व का भी चयन हुआ। इंडोनेशिया के प्रो. अनवर सानुसी ने 2026-27 के लिए एपीओ अध्यक्ष का पदभार संभाला। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में उत्पादकता वृद्धि, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय प्रबंधन और एपीओ विज़न 2030 जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।