चेन्नई, May 22 (Political Insight) : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने वाली तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) सरकार में अब सहयोगी दलों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। विजय सरकार में पहले कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, वहीं अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और वीसीके के विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है।
चेन्नई के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में IUML विधायक ए.एम. शाहजहां और वीसीके नेता वन्नियारासु ने मंत्री पद की शपथ ली। तमिलनाडु के कार्यवाहक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। इनमें 31 TVK, 2 कांग्रेस, 1 IUML और 1 वीसीके मंत्री शामिल हैं।
हालांकि, IUML और वीसीके के सरकार में शामिल होने के बाद DMK और वीसीके के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग शुरू हो गई है। इसी क्रम में DMK के उपमहासचिव और सांसद ए. राजा ने IUML और वीसीके की आलोचना करते हुए एक विवादित टिप्पणी पोस्ट की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
विवाद बढ़ने पर DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपने फैसले लेने का अधिकार है और किसी के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि DMK एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी, जो अच्छे कार्यों की सराहना और गलत नीतियों की आलोचना करेगी।