नई दिल्ली, May 16, (Political Insight) : केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (CLC) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों संस्थानों पर आईआईटी-जेईई और नीट परीक्षाओं के परिणामों को लेकर भ्रामक दावे करने और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप है।
मुख्य आयुक्त Nidhi Khare और आयुक्त Anupam Mishra की अध्यक्षता वाले प्राधिकरण ने पाया कि संस्थानों ने सफल छात्रों के नाम, फोटो और रैंक का प्रचार में प्रमुखता से इस्तेमाल किया, लेकिन यह नहीं बताया कि वे छात्र किस प्रकार के कोर्स में शामिल थे।
जांच में सामने आया कि मोशन एजुकेशन द्वारा जिन छात्रों की सफलता का प्रचार किया गया, उनमें से अधिकांश “आई-एकलव्य” नामक मुफ्त रैंकर्स बैच से जुड़े थे। वहीं कुछ छात्रों ने परीक्षा के बाद संस्थान में प्रवेश लिया था, फिर भी उनकी सफलता का श्रेय संस्थान ने अपने विज्ञापनों में लिया। सीसीपीए ने यह भी पाया कि कई मामलों में छात्रों या अभिभावकों की उचित सहमति भी नहीं ली गई।
सीएलसी कोचिंग के मामले में भी जांच में कई दावे निराधार पाए गए। संस्थान “1650 से अधिक चयन” जैसे दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कई छात्रों के केवल टेस्ट सीरीज में शामिल होने के बावजूद उन्हें नियमित कक्षा कार्यक्रमों का हिस्सा बताकर प्रचार किया गया। सीसीपीए ने दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से भ्रामक विज्ञापन बंद करने और भविष्य में पारदर्शी एवं सत्य जानकारी देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण के अनुसार अब तक 31 कोचिंग संस्थानों पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है।