नई दिल्ली, May 13, (Political Insight) : नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने प्रेस वार्ता कर देशभर में NEET में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि वह छात्रों के साथ मिलकर मशाल जुलूस निकालेगा और उग्र प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।
NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने मांग की कि NTA को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए और पूरे मामले की जांच के लिए संसदीय संयुक्त समिति (JPC) का गठन किया जाए। संगठन ने कहा कि हमें सरकार पर भरोषा नहीं है, इसलिए जांच CBI की जगह JPC के माध्यम से हो।
छात्र संगठन ने कहा कि यदि “पेपर माफिया” के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि गलत तरीके से चयनित डॉक्टर समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।
NSUI ने यह भी मांग की कि पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए। संगठन ने कहा कि राजस्थान में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए गए थे। संगठन ने आरोप लगाया कि पेपर माफिया अक्सर मोटे पैसों और कानूनी सहारे के दम पर कुछ समय बाद जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर वही गतिविधियां दोबारा शुरू कर देते हैं।
छात्र संगठन ने यह भी कहा कि पहले कुछ राज्यों में ऐसी घटनाओं के खिलाफ कड़े कानून और संपत्ति कुर्की जैसे प्रावधान लागू किए गए थे, जिन्हें और मजबूत करने की जरूरत है। NSUI ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।