Gen-Z सड़कों पर उतरे, NEET पेपर लीक पर केजरीवाल का केंद्र पर तीखा वार

Gen-Z सड़कों पर उतरे, NEET पेपर लीक पर केजरीवाल का केंद्र पर तीखा वार

नई दिल्ली, May 13, (Political Insight) : NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के Gen-Z को केंद्र में रखते हुए प्रेस वार्ता की और कहा कि पेपर लीक की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया बयानों को लेकर भी केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। केजरीवाल ने रूस से तेल और गैस खरीद नीति पर भी सवाल उठाते हुए सरकार पर अमेरिका के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

एक स्क्रिप्ट, एक कहानी – केजरीवाल

केजरीवाल ने दावा किया कि NEET सहित कई परीक्षाओं में 2017, 2021, 2024 और 2026 में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद अब तक लगभग 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में गिरफ्तारियों के बाद आरोपी कुछ महीनों में जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर वही लोग दोबारा पेपर लीक करने में जुट जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे अधिक पेपर लीक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुए हैं, जहां भाजपा या NDA की सरकारें हैं। CBI पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसी सक्षम होने के बावजूद निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर पाती क्योंकि वह राजनीतिक प्रभाव में काम करती है।

Gen-Z सड़कों पर उतरे, उठाए सवाल

प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि “सिस्टम फेल हो गया” कहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि देश का Gen-Z वर्ग शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाए। प्रेसवार्ता में उन्होंने यह भी कहा कि देश के बड़े नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, इसलिए उन्हें आम छात्रों की समस्याओं से फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि देश और उसकी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की जिम्मेदारी युवाओं और मध्यम वर्ग पर है।

विदेश नीति पर उठाए सवाल

विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए केजरीवाल ने रूस से तेल और गैस खरीद को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि रूस से आने वाले गैस जहाज को भारत ने वापस कर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ जनता से ईंधन बचाने की अपील करती है, जबकि दूसरी तरफ सस्ती ऊर्जा खरीद से पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी दबाव में फैसले ले रही है और पूछा कि क्या नीति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में तय हो रही है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि रूस से तेल और गैस की खरीद दोबारा शुरू की जाए।

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