एक जुलाई से लागू होगी ‘विकसित भारत– G RAM G’ योजना, मनरेगा की जगह लेगा नया कानून

एक जुलाई से लागू होगी ‘विकसित भारत– G RAM G’ योजना, मनरेगा की जगह लेगा नया कानून

नई दिल्ली, 12 मई, (Political Insight) केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास और रोजगार व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB–G RAM G) अधिनियम, 2025” अधिसूचित कर दिया है। यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। सरकार के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य विकसित भारत-2047 विजन के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक उत्पादक, आत्मनिर्भर और भविष्य उन्मुख बनाना है।

मनरेगा की जगह लेगा नया कानून

नए अधिनियम के लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 निरस्त माना जाएगा। सरकार ने कहा है कि नई व्यवस्था के तहत अकुशल शारीरिक श्रम के लिए स्वेच्छा से आगे आने वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम ग्रामीण आय बढ़ाने, आजीविका सुरक्षा मजबूत करने और ग्राम स्तर पर सतत एवं उत्पादक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

रोजगार नहीं मिलने पर मिलेगा भत्ता

विकसित भारत– G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत श्रमिकों को रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। यदि तय समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के पात्र होंगे। अधिनियम में समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर भी विशेष जोर दिया गया है। मजदूरी का भुगतान DBT के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाएगा। मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान है। देरी होने की स्थिति में श्रमिकों को विलंब क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।

योजना के लिए रिकॉर्ड बजटीय आवंटन

केंद्र सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जिसे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक आवंटन बताया जा रहा है। राज्यों के संभावित अंश सहित योजना का कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है। सरकार के अनुसार यह राशि ग्रामीण अवसंरचना विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति देगी। साथ ही, नई व्यवस्था लागू होने तक मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य 30 जून तक बिना किसी बाधा जारी रहेंगे, ताकि श्रमिकों को रोजगार में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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