नई दिल्ली, May 12, (Political Insight) : दुनियाभर में फैली अस्थिरता का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। वडोदरा में एक सभा को संबोधित करते हुए PM नरेंद्र मोदी ने इस संकट की घड़ी में स्कूलों से कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर विचार करने की अपील की।
इससे पहले रविवार को हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए PM ने देश की जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने तथा विदेश यात्रा और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। उन्होंने देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव और रुपये की गिरती स्थिति को देखते हुए स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया। PM मोदी ने कहा कि इस संकट के समय में देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक का सहयोग जरूरी है।
PM ने कहा, “पहले कोविड-19 आया, फिर आर्थिक चुनौतियां आईं और अब पश्चिम एशिया में संकट बढ़ रहा है। इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है।” उन्होंने पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति को इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ने कोविड-19 का मुकाबला एकजुट होकर किया था, उसी तरह इस संकट से भी निस्संदेह बाहर निकला जाएगा। PM ने कहा कि डिजिटल तकनीकों ने कई कार्यों को आसान बनाया है, इसलिए सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों से भी ऑनलाइन कक्षाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
PM ने पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार जनता पर पड़ने वाले दबाव को कम करने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि भारत आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से विदेशों से आने वाली वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक हमें छोटे-छोटे सामूहिक संकल्प लेने होंगे और अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा।