कोलकाताः- पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन राज्यभर में कुल 78 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है और सभी दलों ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदकुमार, महिषादल और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं, पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र में भी तीन प्रत्याशियों ने अपने पर्चे भरे। इन आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि कई सीटों पर कड़ा और बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
इस बीच, नंदीग्राम सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, जहां विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और BJP के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा जताया कि इस बार राज्य में BJP को निर्णायक जनादेश मिलेगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने यह चरणबद्ध कार्यक्रम तय किया है।
वहीं, दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद मतगणना 4 मई को की जाएगी। इसी दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी और किस पार्टी को जनता का जनादेश मिला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और कड़ा मुकाबला लेकर आया है। एक ओर सत्तारूढ़ दल अपनी उपलब्धियों के साथ मैदान में है, तो वहीं विपक्ष बदलाव के मुद्दे को लेकर जनता के बीच पहुंच रहा है।
नामांकन के पहले दिन से ही चुनावी माहौल गरमा गया है। आने वाले दिनों में रैलियों, जनसभाओं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच पश्चिम बंगाल का चुनाव एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनने जा रहा है।