लोकसभा में गूंजा अमित शाह का सख्त संदेश: ‘हथियार उठाने वालों को नहीं बख्शेगी सरकार’

लोकसभा में गूंजा अमित शाह का सख्त संदेश: ‘हथियार उठाने वालों को नहीं बख्शेगी सरकार’

नई दिल्लीः- लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यह नरेंद्र Modi के नेतृत्व वाली सरकार है और देश के खिलाफ हथियार उठाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

‘रेड कॉरिडोर’ सिमटा, नक्सलवाद पर काबू का दावाः-

गृह मंत्री ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि एक समय ‘रेड कॉरिडोर’ का दायरा 12 राज्यों तक फैला हुआ था और देश के करीब 70% भूभाग इससे प्रभावित माना जाता था। लेकिन अब सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों के चलते इन इलाकों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद अब तेजी से सिमट रहा है और कई क्षेत्रों में इसका प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है।

बस्तर में बदली तस्वीर, विकास को मिली रफ्तारः-

बस्तर का उदाहरण देते हुए शाह ने कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, वहां अब शांति और विकास की नई तस्वीर दिख रही है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में स्कूल, सड़क और राशन की दुकानों का विस्तार किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की जिंदगी में ठोस बदलाव आया है।

कांग्रेस पर सीधा हमलाः-

गृह मंत्री ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे शासनकाल के बाद भी इन इलाकों में बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पाईं। शाह ने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने गरीबों और वंचित वर्गों के लिए कई अहम योजनाएं लागू की हैं। इनमें पक्के घर, उज्ज्वला के तहत गैस कनेक्शन, हर घर जल, 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना मुश्किल था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।

अंत में गृह मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि वे सरकार की आलोचना करने से पहले अपने कार्यकाल का आकलन करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारें आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा और बैंकिंग जैसी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में नाकाम रहीं, जबकि मौजूदा सरकार इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

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