नई दिल्लीः- देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में ₹2.35 प्रति लीटर की वृद्धि की है, जो अब सभी शहरों में लागू होगी। हालांकि, आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत देते हुए रेगुलर पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तेल कंपनियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव के कारण की गई है। खासकर मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता के चलते तेल उत्पादन और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इसके साथ ही शिपिंग लागत में वृद्धि और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी आयात को महंगा बना दिया है। इन सभी कारकों का सीधा प्रभाव प्रीमियम ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
आपको बता दे कि प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग मुख्यतः उच्च क्षमता वाले और लग्जरी वाहनों में होता है, लेकिन इसकी कीमत बढ़ने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। इससे आने वाले समय में महंगाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल रेगुलर पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखा है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसे महंगाई को नियंत्रित रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जारी रहती है, तो भविष्य में अन्य ईंधनों की कीमतों में भी बदलाव संभव है। ऐसे में सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम तेज कर सकती है।
कुल मिलाकर, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी हुई है और आने वाले समय में तेल बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। अब देखना यह होगा कि रेगुलर पेट्रोल और अन्य ईधनों के दामों में स्थिरता बनी रहती है या उनके भी दाम आने वाले दिनों में बढ़ेगें।