नई दिल्लीः- चुनाव आयोग ने रविवार को असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। आयोग ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तारीखों, तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हुए मतदान के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
आपको बता दे कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत सरकारें कोई नई नीतिगत घोषणा नहीं कर सकेंगी और प्रशासनिक मशीनरी चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्य करेगी।
तैयारियों की समीक्षा और राजनीतिक दलों से चर्चाः-
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग की टीम ने पिछले कुछ दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात कर उनके सुझाव सुने। साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों के साथ भी बैठक कर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी संवाद किया। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के काम की सराहना की गई।
17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदानः-
चुनाव आयोग के अनुसार इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा जैसे कई देशों की कुल आबादी के बराबर है।
आयोग ने बताया कि इन चुनावों में कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 2.19 लाख से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजामः-
CEC ने बताया कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में हो सके।
महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाः-
चुनाव आयोग ने जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि कई जगहों पर “पिंक बूथ” बनाए जाएंगे, जहां पूरी चुनावी व्यवस्था महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित की जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मतदाताओं को अपने फोन मतदान केंद्र के बाहर ही रखने होंगे। साथ ही मतदान के बाद मतदान प्रतिशत की जानकारी तुरंत सार्वजनिक की जाएगी।
राजनीतिक दृष्टि से अहम माने जा रहे इन चुनावों को लेकर सभी राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।