बिहारः- बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। मतदान से ठीक पहले विपक्षी खेमे में हलचल तब बढ़ गई जब तेजस्वी यादव के साथ होटल में ठहरे विपक्ष के कुछ विधायक अचानक संपर्क से बाहर हो गए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के दो विधायक—फारबिसगंज से मनोज विश्वाश और वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा गायब बताए जा रहे हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं।
सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए विपक्षी दलों के अधिकांश विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें होटल में ठहराया गया था। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद भी विधायकों के साथ मौजूद थे और लगातार संपर्क में थे। लेकिन मतदान से पहले दो कांग्रेस विधायकों के अचानक संपर्क से बाहर होने से विपक्ष की चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि पूरी रात दोनों विधायकों से संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। इसी बीच खबर यह भी है कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) का एक विधायक भी संपर्क से बाहर बताया जा रहा है, जिससे विपक्षी खेमे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये विधायक मतदान में हिस्सा नहीं लेते या क्रॉस वोटिंग होती है, तो इसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ गठबंधन को मिल सकता है। ऐसे में NDA के पांचवें उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
बिहार में राज्यसभा की कुछ सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा था। हालांकि ताजा घटनाक्रम के बाद समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। विधानसभा की संख्या के आधार पर विपक्ष को अपने सभी वोट सुरक्षित रखने की जरूरत थी, लेकिन विधायकों के गायब होने की खबर ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
उधर विपक्षी दलों के नेता लगातार अपने विधायकों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मतदान से पहले स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और सभी की नजरें अब राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं।