लोकसभा में हंगामे पर वित्त मंत्री का विपक्ष पर लगाया, ‘गैरजिम्मेदाराना व्यवहार’ का आरोप

लोकसभा में हंगामे पर वित्त मंत्री का विपक्ष पर लगाया, ‘गैरजिम्मेदाराना व्यवहार’ का आरोप

नई दिल्ली:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष का रवैया गैरजिम्मेदाराना है और इससे जनता को सकारात्मक संदेश नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण देश के सामने कुछ चुनौतियां जरूर आई हैं, लेकिन सरकार प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में उनसे निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

लोकसभा में शुक्रवार को बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य जरूरी तैयारियों तक हर स्तर पर काम कर रही है, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब सभी दलों को मिलकर देशहित में काम करना चाहिए, विपक्ष हंगामा कर रहा है।

इस दौरान वित्त मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “विपक्ष के नेता संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय पीते हैं और दूसरी तरफ एलपीजी के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं।” उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी दलों को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर देश के हित में सरकार का साथ देना चाहिए और जनता के बीच भरोसा पैदा करना चाहिए।

इससे पहले, किरन रिजजू ने भी लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे और बैठक में यह तय किया गया था कि वित्त मंत्री चर्चा का जवाब देंगी, जिसके बाद निजी विधेयकों पर भी चर्चा होगी।
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई और निजी सदस्यों के विधेयकों पर चर्चा का समय भी प्रभावित हो सकता है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष के नेता के रवैये का असर अन्य सदस्यों पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद परिसर में कुछ विपक्षी सदस्य खाने-पीने का सामान लेकर अनुशासनहीनता का प्रदर्शन कर रहे हैं और नाटकीय तरीके से जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के पास अभी भी अपने व्यवहार में सुधार करने का समय है, अन्यथा जनता उन्हें भविष्य में इसका जवाब दे सकती है।

लोकसभा में इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित भी रही।

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