भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, डिफेंस और मिडकैप शेयरों में मजबूती

भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, डिफेंस और मिडकैप शेयरों में मजबूती

नई दिल्ली:- बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई (BSE) सेंसेक्स 33 अंकों यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,238 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 30 अंकों यानी 0.12 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 24,231 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं, हालांकि कुछ सेक्टरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

दिन की शुरुआत में सबसे ज्यादा मजबूती डिफेंस सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर बना रहा। इसके अलावा मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएसई (PSE), एनर्जी, ऑयल एंड गैस, कमोडिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला और ये हरे निशान में कारोबार करते रहे।

हालांकि, दूसरी ओर प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और सर्विसेज सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी की वजह से प्रमुख सूचकांकों की बढ़त सीमित रही।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 377 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,555 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 173 अंक यानी 1.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,647 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेश कर रहे हैं।

सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एनटीपीसी (NTPC), बीईएल (BEL), पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, आईटीसी (ITC), टाइटन और ट्रेंट के शेयरों में बढ़त देखी गई। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल (HUL), भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फिनसर्व के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक संकेतों की बात करें तो ज्यादातर एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता के बाजार बढ़त के साथ खुले। हालांकि, मंगलवार को अमेरिकी बाजार मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क बना हुआ है।

निवेश प्रवाह के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को भी बिकवाली जारी रखी और करीब 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देते हुए 6,333.26 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इस बीच कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। खबर के लिखे जाने तक डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.26 प्रतिशत गिरकर 83.22 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। (स्त्रोतः-PB)

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