पटना:- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी करते हुए राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर जो भरोसा और समर्थन बनाए रखा है, उसी के बल पर उन्हें राज्य की सेवा करने का अवसर मिला है।
नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर जारी संदेश में कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग के कारण ही बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने हर कठिन दौर में उनका साथ दिया, जिसके लिए वे पहले भी कई बार आभार व्यक्त कर चुके हैं और आगे भी करते रहेंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने अपने संसदीय जीवन की शुरुआत की थी, तभी से उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनने का अनुभव प्राप्त करें। इसी क्रम में उन्होंने इस बार होने वाले चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा व्यक्त की है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता के साथ उनका संबंध केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास और सहयोग का एक मजबूत रिश्ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी यह संबंध बना रहेगा और वे बिहार को विकसित राज्य बनाने के संकल्प पर पहले की तरह काम करते रहेंगे।
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में यह भी कहा कि राज्य में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उनका कहना है कि बिहार के विकास, सामाजिक समरसता और सुशासन को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का यह बयान बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है। यदि वे राज्यसभा जाते हैं तो राज्य की सत्ता और राजनीतिक समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी दिनों में राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं और उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के क्षेत्र में कई पहलें की हैं। उनके इस संदेश को आगामी राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।