बिहारः- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने किशनगंज में भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकः-
दौरे के पहले दिन गृह मंत्री ने केंद्रीय राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स हैंडल (X) पर बैठक की तस्वीरें साझा कर इसकी जानकारी दी गई।
गृह मंत्री अपने इस बैठक में भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP), सीमा प्रबंधन, तस्करी और अवैध आव्रजन की रोकथाम, तथा तकनीकी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने भूमि बंदरगाहों पर बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, डिजिटल कस्टम क्लीयरेंस और व्यापार सुगमता उपायों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
सीमांचल क्षेत्र पर विशेष ध्यानः-
आपको बता दे कि गृह मंत्री का यह दौरा सीमांचल क्षेत्र की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिले नेपाल और बांग्लादेश सीमा के नजदीक स्थित हैं। इस क्षेत्र में सीमा सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन और आधारभूत संरचना विकास प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) और अन्य एजेंसियों के समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएः-
बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री का दौरा सीमाओं की सुरक्षा और विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
JDU के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि सीमांचल क्षेत्र में एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर कृषि कॉलेज, पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास और वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
वहीं, LJP विधायक राजू तिवारी ने गृह मंत्री के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और विकास साथ-साथ आगे बढ़ें।
विश्लेषकों का मानना है कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे में गृह मंत्री का यह दौरा न केवल सीमा प्रबंधन की दृष्टि से, बल्कि राजनीतिक और विकासात्मक संदेश के रूप में भी अहम माना जा रहा है।
तीन दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह के अन्य जिलों का भी दौरा करने और विभिन्न परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने की संभावना है। इस दौरे को आगामी राजनीतिक परिदृश्य और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।