नई दिल्लीः- नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उदय भानु चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
चिब भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और उन पर समिट के दौरान हुए प्रदर्शन का मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, वे कथित रूप से राष्ट्र-विरोधी नारेबाजी में शामिल थे।
इस मामले में श्री कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव और अजय कुमार यादव को भी सह-आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान चिब ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ कथित रूप से हाथापाई की।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की पूछताछ तथा साक्ष्य जुटाने के लिए हिरासत की आवश्यकता है। इसी आधार पर हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग भी की गई है।
चिब को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनमें धारा 196 भी शामिल है, जो धर्म, जाति, जन्मस्थान, आवास या भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित है। यह धारा गैर-जमानती श्रेणी में आती है।
समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन की जांच अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया था, जहां देश-विदेश के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए थे। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है, और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।