नई दिल्लीः- PM मोदी ने रविवार को ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट’ के दौरान कांग्रेस के कथित शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया। मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम था।
मेरठ में 12,930 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने मेरठ में करीब 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के पहले नमो भारत आरआरटीएस (RRTS) और संपूर्ण दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को भी राष्ट्र को समर्पित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब कुछ राजनीतिक दल भारत की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि AI इंपैक्ट समिट में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे विकासशील देशों में अब तक का सबसे बड़ा AI सम्मेलन बताया।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में प्रदर्शन कर कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावित करती हैं।
संसद और सहयोगी दलों का मुद्दाः-
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद को न चलने देने से विपक्षी दलों के सहयोगियों को भी नुकसान होता है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि एआई समिट की घटना के बाद कुछ सहयोगी दलों ने भी कांग्रेस के रुख से दूरी बनाई है।
PM ने अपने इस भाषण में काग्रेंस पर महिला सांसदों को आगे कर राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास का भी आरोप लगाया और कहा कि इस प्रकार की राजनीति से देशहित को नुकसान पहुंचता है।
AI और भारत की वैश्विक भूमिका
PM मोदी ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य AI को जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में लागू कर आम नागरिकों को लाभ पहुंचाना है।
भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की उपलब्धियों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।