वॉशिंगटन/नई दिल्ली:- व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित नए वैश्विक टैरिफ के तहत भारत को अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, धारा 122 के अंतर्गत लगाया गया यह 10 प्रतिशत टैरिफ कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, बल्कि यह पूर्व में अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के आधार पर लगाए गए शुल्कों का स्थान लेगा। इन पूर्व शुल्कों को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।
व्हाइट हाउस ने कहा कि यह समायोजन अमेरिकी अदालत द्वारा लगाए गए कानूनी प्रतिबंधों के मद्देनज़र किया गया है और प्रशासन वैकल्पिक वैधानिक प्रावधानों के माध्यम से व्यापारिक कार्रवाई जारी रखने के अपने इरादे पर कायम है।
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और अमेरिका हाल ही में जारी संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रयासरत हैं।
आपको बता दें कि अभी विगत कुछ दिन पहले ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हुआ था जिसमें अमेरिका द्वारा भारत पर 18 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया था। जिसको लेकर भारत की राजनीति में व्यापक विरोध भी देखने को मिला था।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करेगा, जहां व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाया जाएगा।