नई दिल्ली/न्यूयॉर्क:- तिहाड़ जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद को न्यूयॉर्क के नेता जोहरान ममदानी ने हाथ से लिखी चिट्ठी भेजकर समर्थन जताया है। यह पत्र ममदानी के 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आया।
चिट्ठी में ममदानी ने लिखा कि वे उमर के उन शब्दों को याद करते हैं, जिनमें उन्होंने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी, और उनके माता-पिता से मुलाकात का ज़िक्र करते हुए उमर के प्रति चिंता जताई।
इस बीच, अमेरिका के आठ सांसद भी उमर खालिद के समर्थन में सामने आए हैं। सांसदों ने भारतीय सरकार से अपील की है कि खालिद के मामले की सुनवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार मानकों के अनुसार और समय पर की जाए।
कांग्रेस सदस्य जेम्स पी. मैकगवर्न ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में मैकगवर्न ने 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में आरोपित लोगों की मुकदमे से पहले की हिरासत पर चिंता व्यक्त की है।
अपने पत्र में जेम्स पी. मैकगवर्न ने लिखा, ‘हिंसा भड़काने के आरोप में, अधिकारियों ने उमर खालिद और अन्य मुस्लिम मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप जारी किए। मानवाधिकार संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और वैश्विक मीडिया ने जांच और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। प्रतिष्ठित मानवाधिकार समूहों द्वारा की गई स्वतंत्र जांच में खालिद को आतंकवादी गतिविधि से जोड़ने वाले कोई सबूत नहीं मिले।’
आपकी बता दें कि उमर खालिद को सितंबर 2020 में UAPA और IPC के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनकी लंबी हिरासत और ट्रायल में देरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।