श्रीनगरः- सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा बलों ने प्रतिबंध के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन सर्विलांस भी बढ़ा दिया है।
कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, कुलगाम और शोपियां ऐसे नए जिले हैं, जहां जिला प्रशासन ने VPN के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इन जिलों में जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुपवाड़ा के जिला मजिस्ट्रेट श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने पुलिस से प्राप्त इनपुट का हवाला देते हुए कहा कि जिले में बड़ी संख्या में संदिग्ध इंटरनेट यूजर्स द्वारा VPN के इस्तेमाल में बढ़ोतरी देखी गई है। आदेश में कहा गया है कि VPN सेवाओं का दुरुपयोग गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिसमें अशांति फैलाना, भड़काऊ या गुमराह करने वाली सामग्री का प्रसार और सार्वजनिक व्यवस्था, शांति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों का समन्वय शामिल है।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए पुलिस को इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। शोपियां और कुलगाम के जिला मजिस्ट्रेटों ने भी इसी तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि, जम्मू-कश्मीर के कई अन्य जिलों में पहले से ही VPN के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू है। पिछले महीने VPN एप्लिकेशन के कथित इस्तेमाल के आरोप में 10 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, बीते सप्ताह डोडा जिले में दो लोगों—खालिद अबरार और मोहम्मद इरफान—के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था, जब वे अपने मोबाइल फोन पर VPN का इस्तेमाल करते पाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि VPN का दुरुपयोग गलत सूचना फैलाने, अपराधों के समन्वय, सुरक्षा तंत्र को दरकिनार करने और प्रतिबंधित सामग्री तक पहुंचने जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। इसी आशंका के चलते प्रशासन ने कुछ जिलों में अस्थायी तौर पर VPN पर रोक लगाने का फैसला किया है।