बांग्लादेश में हिंसा पर यूएन ने जताई चिंता, की अल्पसंख्यकों के सुरक्षा की अपील

बांग्लादेश में हिंसा पर यूएन ने जताई चिंता, की अल्पसंख्यकों के सुरक्षा की अपील

न्यूयॉर्क/ढाकाः- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। यूएन के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक ने कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले सभी लोगों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षित महसूस होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रवक्ता दुजारिक ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और हाल में हिंदुओं की लिंचिंग से जुड़े सवाल पर कहा, “हम बांग्लादेश में देखी जा रही हिंसा को लेकर बेहद चिंतित हैं। सभी बांग्लादेशियों को सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है।”

संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा जताते हुए उन्होनें कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश हो या कोई अन्य देश, बहुसंख्यक समाज का हिस्सा न होने वाले लोगों को भी समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।

हिंसा की पृष्ठभूमि

आपको बताते चले कि इंकलाब मंच से जुड़े युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में इजाफा हुआ है। इस महीने की शुरुआत में एक हमले के बाद उनकी मौत हुई थी, जिसके बाद कई इलाकों में तनाव बढ़ गया।

सत्ता परिवर्तन के बाद बिगड़े हालात

पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी हुई हैं। हाल के दो हफ्तों में हिंसा की घटनाएं फिर तेज हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई निर्दोष हिंदुओं को केवल उनके धर्म के कारण निशाना बनाया गया, जिनका राजनीति से कोई संबंध नहीं था।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

हिंसा की इन घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने शांति बनाए रखने, हिंसा रोकने और प्रतिशोध से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना समाज में और गहरी दरारें पैदा कर सकती है।

इस पर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भी बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या पर गहरा दुख जताया और इसे देश में बढ़ती अस्थिरता का संकेत बताया। वहीं सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों, घरों और मंदिरों को निशाना बनाए जाने की खबरें बढ़ी हैं।

इस मामले पर भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की अल्पसंख्यक सुरक्षा में विफलता पर निशाना साधा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि ढाका को अपनी सीमाओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी।

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