नागर विमानन मंत्रालय का सभी एयरलाइंस को सक्त निर्देश

नागर विमानन मंत्रालय का सभी एयरलाइंस को सक्त निर्देश

नई दिल्लीः- उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम दिल्ली, लखनऊ, कानपुर जैसे एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए उठाया गया है, जहां दृश्यता 50 मीटर तक गिर चुकी है।

निर्देशों का विस्तृत विवरण

मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से निम्न बिंदुओं पर जोर दिया है:
  • उड़ान जानकारी: समय पर सटीक अपडेट SMS, ऐप और एयरपोर्ट डिस्प्ले के माध्यम से दें। 2 घंटे से अधिक देरी पर हर 30 मिनट अपडेट अनिवार्य।
  • लंबी देरी में सुविधाएं: 2 घंटे देरी पर पानी, 3 घंटे पर भोजन, 6 घंटे पर होटल/आराम स्थल। एयरलाइंस को पर्याप्त स्टाफ तैनात करना होगा।
  • रद्दीकरण पर राहत: वैकल्पिक उड़ान 24 घंटे में या पूर्ण रिफंड 7 दिनों में। कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगेगा।
  • बोर्डिंग नियम: समय पर चेक-इन वाले यात्रियों को डिनाय बोर्डिंग न हो। ओवरबुकिंग की स्थिति में वॉलंटरी ऑफर पहले।
  • विशेष सहायता: दिव्यांग, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए व्हीलचेयर, प्राथमिकता बोर्डिंग और मेडिकल सपोर्ट अनिवार्य।
DGCA की भूमिका और निगरानी

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) इन नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा। उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस सस्पेंशन तक कार्रवाई हो सकती है। मंत्रालय ने एयरलाइंस से दैनिक रिपोर्ट मांगी है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा गया कि कोहरे में CAT-III लैंडिंग सिस्टम अपग्रेड जरूरी है।
ये निर्देश DGCA के 2019 के यात्री अधिकार चार्टर पर आधारित हैं, जो कोविड के बाद सख्त हुए। इससे यात्रियों को मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी।

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