प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई

प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई

अम्मानः- प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन गणराज्य यात्रा ने भारत-जॉर्डन मित्रता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर नवीकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, डिजिटल समाधान तथा पेट्रा-एलोरा सांस्कृतिक जुड़ाव से संबंधित पाँच समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मंगलवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई।

व्यापक द्विपक्षीय विचार-विमर्श

प्रधानमंत्री ने जॉर्डन के महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, उर्वरक एवं कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, खनिज, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा सांस्कृतिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का संकल्प लिया। जॉर्डन की डिजिटल भुगतान प्रणाली को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से एकीकृत करने पर भी सहमति बनी।

उर्वरक क्षेत्र में वृद्धि संभावनाएँ

जॉर्डन भारत का प्रमुख उर्वरक आपूर्तिकर्ता है। दोनों देश फॉस्फेटिक उर्वरकों में पारस्परिक निवेश बढ़ाने पर सहमत हुए, जो भारत की बढ़ती माँग को पूरा करेगा। यह यात्रा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई, जो प्रधानमंत्री श्री मोदी की जॉर्डन की प्रथम पूर्णकालिक राजकीय यात्रा है।

व्यापारिक साझेदारी एवं भारतीय समुदाय

भारत जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जो अनाज, फ्रोजन मांस, पेट्रोलियम उत्पाद एवं पशु चारा निर्यात करता है। जॉर्डन फॉस्फेट एवं पोटाश उर्वरक प्रदान करता है। जॉर्डन में लगभग 17,500 भारतीय नागरिक निवासरत हैं, मुख्यतः वस्त्र, निर्माण, विनिर्माण एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में कार्यरत।

संयुक्त परियोजनाओं की प्रगति

यात्रा में जॉर्डन इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी (JIFCO) का उल्लेख हुआ, जो भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (IFFCO) एवं जॉर्डन फॉस्फेट माइंस कंपनी (JPMC) का 860 मिलियन अमेरिकी डॉलर का संयुक्त उद्यम है। यह भारत हेतु फॉस्फोरिक अम्ल उत्पादित करती है। साथ ही, 15 से अधिक NRI-संचालित वस्त्र विनिर्माण इकाइयाँ क्वालिफाइड इंडस्ट्रियल जोन्स (QIZ) में 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश के साथ सक्रिय हैं।

तकनीकी सहयोग में उन्नतिः-

इसके अलावा, भारत और जॉर्डन के बीच तकनीकी क्षेत्र में भी मजबूत संबंध बन रहे हैं। जॉर्डन में भारत-जॉर्डन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है, जो अल-हुसैन टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचटीयू) में स्थित है।

इसमें सुपरकंप्यूटर परम शावक, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएँ एवं साइबर सुरक्षा, वेब विकास, मशीन लर्निंग तथा बिग डेटा विश्लेषण जैसे कोर्स संचालित हैं।

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