प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदल गया है. अब इसे ‘सेवा तीर्थ‘ के नाम से जाना जाएगा। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में अंतर्गत बन रहे है नए पीएम कार्यालय का नाम अब ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है। ये एक ऐसा केंद्र है, जहां देश से जुड़े अहम फैसले लिए जाते हैं।
इसका उद्देश्य शासन में सेवा की भावना को आगे बढ़ाना है। यह बदलाव अकेला नहीं है, देश के कई सरकारी भवनों और मार्गों के नाम हाल के वर्षों में बदले गए हैं, जो शासन की सोच में आ रहे एक बड़े परिवर्तन की ओर इशारा करते हैं।
वहीं देश भर के राजभवनों के नाम भी बदले गए हैं। अब राजभवनों को लोकभवन के नाम से जाना जाएगा। इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। पीएमओ के मुताबिक यह सड़क अब एक मैसेज देती है। पावर कोई हक नहीं है। यह एक कर्तव्य (ड्यूटी) है।
वहीं प्रधानमंत्री के आवास का नाम भी 2016 में बदला गया था। पहले पीएम का आधिकारिक निवास ‘रेस कोर्स रोड’ कहलाता था लेकिन 2016 में इसे बदलकर ‘लोक कल्याण मार्ग’ किया गया गया। यह नाम लोक कल्याण की भावना को रेखांकित करता है।