नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ सोमवार को शुरू हुए युवाओं के हिंसक प्रदर्शन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। पिछले 2 दिनों से जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान 3 पुलिसकर्मी सहित कम से कम 30 लोग मारे गए है। पुलिस और अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी है।
पुलिस और अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को संसद भवन के सामने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 19 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर युवा थे। इस बीच नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बुधवार शाम 6 बजे से उड़ान सेवाएं बहाल कर दी हैं। टीआईए ने सरकार के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर मंगलवार को सभी विमानों का परिचालन रोक दिया था। बुधवार आते-आते नेपाल की सेना ने राजधानी काठमांडू समेत अलग-अलग शहरों में शांति स्थापित करने की कोशिशें शुरू कर दीं और हिंसा की घटनाओं पर लगाम लगाई। फिलहाल नेपाल में प्रदर्शनों के सूत्रधार और आगे की सियासत का रास्ता तय करने वालों में चार नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है। इनमें से दो नाम- सुदन गुरुंग और बालेन शाह के हैं, जिन्हें ‘जेन जी’ के प्रदर्शनों का सूत्रधार माना जा रहा है।
इसके अलावा तीसरा नाम है रबि लमिछाने और चौथा नाम सुशीला कार्की का है। नेपाल में सुशीला कार्की के अंतरिम कयासों के बीच अब एक नया सामने आया है। अब खबर है कि बिजली संकट का हल निकालने वाले इंजीनियर कुल मान घिसिंग को अंतरिम सरकार की कमान सौंपी जा सकती है। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ‘देशभक्त और सबका चहेता’ बताते हुए चुना है। तख्तापलट के दो दिन बाद गुरुवार को Gen-Z नेता सामने आए। अनिल बनिया और दिवाकर दंगल ने कहा, युवाओं का यह विरोध-प्रदर्शन बुजुर्ग नेताओं से तंग आकर किया है। हमारा मकसद संविधान नहीं, संसद भंग करना है। अंतरिम पीएम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। गुरुवार सुबह आर्मी के हेडक्वार्टर में Gen-Z और अफसरों के बीच बातचीत दूसरी बार शुरू हुई।