लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर स्थित बेस कैंप पर मंगलवार को एक भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना का एक जवान और दो अग्निवीर बलिदान हो गए। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 12,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन आधार शिविर क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ, जिसमें दो अग्निवीर सहित तीन सैनिक फंस गए।
अधिकारियों ने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और फंसे हुए सैनिकों के शव निकाल लिए गए। मामले में अधिक जानकारी की प्रतिक्षा की जा रही है। साल 2021 में सब-सेक्टर हनीफ इलाके में हिमस्खलन से दो सैनिकों की मौत हुई थी।
हालांकि, घंटों की कोशिश के बाद कई सैनिक और पोर्टर बचा लिए गए थे। 2019 में 18,000 फीट ऊंचाई पर गश्त के दौरान चार सैनिक और दो पोर्टर हिमस्खलन की चपेट में आकर शहीद हो गए थे।भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर ने बयान जारी करते हुए बताया कि भूस्खलन की इस घटना में सिपाही मोहित कुमार, अग्निवीर नीरज कुमार चौधरी और अग्निवीर डाभी राकेश देवभाई की जान चली गई है। इसमें आगे कहा कि तीनों जवानों ने 9 सितंबर को सियाचिन में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।