पंजाब में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। बांधों से पानी छोड़ने के कारण बुधवार को पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का में बाढ़ आ गई है। रावी दरिया में आई बाढ़ से यहां भारतीय पंजाब के लोग प्रभावित हुए है, वहीं बाढ़ का पानी से ऐतिहासिक करतारपुर साहिब गुरुद्वारा और करतारपुर कॉरिडोर बुरी तरह प्रभावित हुआ हैं। पाकिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ के कारण करतारपुर साहिब पानी में डूब गया है। डेरा बाबा नानक के सामने पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में भी प्रवेश करने और गुरुद्वारे की सभी धार्मिक गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है।रावी दरिया (नदी) का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। करतारपुर साहिब कॉरिडोर में भी 7 फीट तक पानी भर गया है। इसके कारण पाकिस्तान का श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा भी डूब गया है।
करतारपुर कॉरिडोर 4.7 किलोमीटर लंबी एक रोड है जो भारत में डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से सीधे जोड़ता है। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के मुख्य ईमारत सहित लंगर घर, जोड़ा घर, प्रदर्शनी हाल आदि में भी 4 से 5 फुट तक पानी भर गया। गुरुद्वारा प्रबंधकों ने पाकिस्तान की पंजाब सरकार से तुरंत व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। इसका उद्घाटन 9 नवंबर, 2019 को किया गया था।
जलस्तर बढ़ने से दीनानगर हलके के कई गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार लगभग 20 गांवों में पानी भर चुका है, जिससे ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों के घरों में पानी घुस जाने से लोग अपनी छतों और ऊँचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर जागकर उन्हें बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हर वक्त खतरा मंडरा रहा है कि पानी और तेज़ी से उनके घरों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई जगहों पर मवेशी और घरेलू सामान भी पानी में बह गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कल सुबह गुरदासपुर पहुंचने वाले हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सीएम मान कल सुबह करीब 9:30 बजे दीनानगर क्षेत्र का दौरा करेंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायज़ा लेंगे। मुख्यमंत्री खुद मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश और रावी दरिया में पानी का तेज़ बहाव उनकी सबसे बड़ी चिंता बन गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों की फसलें भी चौपट हो रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का अंदेशा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर पूरी तरह नज़र रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री जैसे खाने-पीने का सामान, पानी और दवाइयाँ पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी भी ज्यादा मदद की आवश्यकता है।