क्या है ट्रंप टैरिफ , क्यों भारत पर लगा 25फीसद टैरिफ , भारत पर इसका कितना असर

क्या है ट्रंप टैरिफ , क्यों भारत पर लगा 25फीसद टैरिफ , भारत पर इसका कितना असर

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सभी सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने के लिए इस शुल्क के ऊपर जुर्माना भी लगाने की घोषणा की है। भारत पर 25% टैरिफ लगाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और रूस को डेड इकोनॉमी बताया। उन्होंने कहा- भारत और रूस अपनी अर्थव्यवस्था को साथ ले डूबें, मुझे क्या। डेड इकोनॉमी उस स्थिति को कहते हैं जब किसी देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाए या बिल्कुल सुस्त पड़ जाए। इसमें व्यापार, उत्पादन, नौकरियां और लोगों की कमाई लगभग रुक सी जाती है। विकास रुक जाता है और लोग आर्थिक तंगी में फंस जाते हैं। ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में 90 दिन के लिए रोक दिया था। अब 25 फीसदी टैरिफ चीन को छोड़कर एशिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक है। ट्रंप ने इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और जापान पर 20 फीसदी या उससे कम टैरिफ लगाया है। चीन के साथ अमेरिका के टैरिफ टकराव के बीच एपल समेत कुछ बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने अपना उत्पादन भारत में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया था। अगर यह टैरिफ बना रहता है, तो भारत को नुकसान होगा।

तो सबसे पहले टैरिफ होता क्या है ?

टैरिफ यानी आयात शुल्क। जब कोई देश दूसरे देश से सामान खरीदता है, तो उस पर कुछ टैक्स लगाता है, उसे टैरिफ कहते हैं।

ट्रंप ने क्यों लगाया 25 फीसदी टैरिफ ?

क्योंकि ट्रंप का मानना है कि भारत अमेरिकी सामानों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लेता है, वहीं अमेरिका भारतीय सामानों पर कम टैक्स लगाता है। जो नाईंसाफी है इसलिए, भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अभी अमेरिका की तरफ से भारतीय सामानों पर औसतन करीब 10% टैरिफ लगता है। इसके बढ़ने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान के दाम बहुत बढ़ जाएंगे।

इसका एक दूसरा कारण ये है कि यदि अमेरिका की मानें तो भारत के साथ ट्रेड डील में हुई प्रगित से डोनाल्ड ट्रंप खुश नहीं हैं. वह ट्रेड डील पर बातचीत की प्रगति को देखकर बेहद फ्रस्ट्रेडेट यानी हताश हैं. उनका मानना है कि उनके 25 फीसदी टैरिफ वाली घुड़की से शायद ट्रेड डील पर बातचीत बन जाएगी. यही वजह है कि 25 फीसदी टैरिफ के ऐलान के 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने कह दिया कि यह फाइनल नहीं है. अभी ट्रेड डील पर भारत के साथ बातचीत जारी है. वाइट हाउस के सलाहकार का कहना है कि भारत के साथ व्यापार वार्ता में प्रगति की कमी से डोनाल्ड ट्रंप ‘फ्रस्ट्रेट यानी निराश’ हैं. उन्हें लगता है कि भारत पर लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ इस स्थिति का ‘समाधान और सुधार’ करेगा.

ये टैरिफ कब से लागू होगा और इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है जिसमें जुर्माना भी होगा। भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों, जैसे दवाइयां, कपड़े और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स पर 25% टैक्स लगेगा। इससे भारतीय सामान अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। उनकी मांग कम हो सकती है। भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस (निर्यात ज्यादा, आयात कम) भी कम हो सकता है। इस ‘टैरिफ स्ट्राइक’ का भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर स्मार्टफोन, फार्मा, टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, तथा ऑटो पार्ट्स जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ेगा. रुपये पर दबाव बढ़ने और शेयर बाजार में अस्थिरता की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि 25% टैरिफ भारत के लिए बुरी खबर है, लेकिन अब सारा ध्यान अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को जल्दी पूरा करने पर है।

अगर समझौते में देरी हुई, तो इससे भारत की FY26 GDP पर असर पड़ सकता है।25% टैरिफ की दर निश्चित रूप से नकारात्मक है, क्योंकि वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलिपींस जैसे देशों पर कम टैरिफ है। फार्मा जैसे छूट वाले सामान और लोहा, इस्पात व ऑटो जैसे अलग-अलग दरों वाले सामानों पर टैरिफ की सटीक जानकारी अभी नहीं है, लेकिन अगर फार्मा पर भी टैरिफ लग गया, तो ये भारत के निर्यात के लिए और नुकसानदायक होगा, क्योंकि भारत के फार्मा निर्यात का 30% से ज्यादा हिस्सा अमेरिका को जाता है। भारत, अमेरिका का प्रमुख कारोबारी साझेदार है। पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 130 अरब डॉलर का था। ऐसे में ट्रंप की घोषणा द्विपक्षीय व्यापार के लिए झटका है। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आशंका जताई कि नए टैरिफ से व्यापारिक विश्वास को क्षति पहुंचेगी और 2025-26 में कारोबार में 15 से 20 अरब डॉलर की कमी हो सकती है। अमेरिका ने पहले ही स्टील और एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत तथा ऑटो सेक्टर पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया हुआ है।

ट्रम्प टैरिफ के साथ पेनल्टी भी लगाएंगे, ये पेनल्टी क्या है?

ट्रम्प ने 25% टैरिफ लगाने की बात की है। इसके साथ में उन्होंने पेनल्टी लगाने की भी बात कही है, लेकिन उन्होंने ये साफ नहीं किया कि ये पेनल्टी क्या होगी या कितनी होगी।

पेनल्टी का मतलब हो सकता है कि भारत के कुछ खास सामानों या सेक्टर्स पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए, या फिर कुछ खास व्यापारिक रियायतें खत्म की जाएं।
मिसाल के तौर पर, ये पेनल्टी भारत के फार्मा, टेक्सटाइल या अन्य बड़े निर्यातों पर ज्यादा टैरिफ या सख्त नियमों के रूप में हो सकती है।

भारत अमेरिका रिश्तों पर क्या होगा असर?

दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे थे, लेकिन इस नई शुल्क नीति से व्यापारिक विश्वास कमजोर हो सकता है। यदि यह नीति लंबे समय तक लागू रहती है, तो भारत को नए बाजारों की खोज और आपूर्ति श्रृंखला के पुनर्संयोजन की आवश्यकता होगी। यूएसटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब भी कई अमेरिकी उत्पादों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर डिवाइसेज और कृषि वस्तुओं पर 30 से 60% तक टैरिफ लगाता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत अपने बाजार को आंशिक रूप से बंद रखता है, जबकि अमेरिकी बाजार भारत के लिए अपेक्षाकृत खुला है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत को सबसे ज्यादा झटका कपड़ा, दवा और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों में लगेगा। फार्मा, एग्रीकल्चर और डिफेंस सेगमेंट में अमेरिका को झटका लगेगा।

भारत भी कर सकता है जवाबी कार्रवाई

2024 में अमेरिका से भारत को 42 बिलियन डॉलर के विनिर्माण निर्यात और ऊर्जा निर्यात (जैसे तरलीकृत प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और कोयला) पर भारत प्रतिक्रिया में जवाबी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि वे अमेरिका को चीन के मुकाबले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानते हैं, लेकिन उन्हें कृषि, डेटा गवर्नेंस और सरकारी सब्सिडी पर अपनी नीतियों को बनाए रखने की जरूरत है।

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