राजधानी में लोग बेहद खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन महसूस हो रही है। शनिवार को हवा की गति और दिशा बदलने से प्रदूषण में मामूली कमी आई है। लेकिन, हवा बेहद खराब है। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 352 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक रविवार से मंगलवार तक कमोबेश यही स्थिति रहने की आशंका है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार ही बनी रहेगी।
रात के समय हल्का कुहासा छाया रहेगा। साथ ही, आसमान में स्मॉग छाया रहेगा। ऐसे में हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां बेहद प्रतिकूल होने से स्थिति बिगड़ रही है। दिल्ली व नोएडा के कई इलाकों में एक्यूआई 400 से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है । इसे एयर पॉल्यूशन की सीवियर श्रेणी माना जाता है. वायु प्रदूषण बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों में खांसी, जुकाम, गले में दर्द व बुखार जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं. इस स्थिति को चिंताजनक माना जा रहा है और इसीलिए सरकार स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है। बता दें कि पिछले साल भी दिल्ली व नोएडा में एयर पॉल्यूशन बढ़ने पर सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे. वायु प्रदूषण की वजह से स्कूलों के बंद होने पर पढ़ाई को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट किया जा सकता है. पिछले साल भी सिलेबस कवर करवाने के लिए स्कूलों ने ऑनलाइन मोड में पढ़ाई करवाई थी. इससे बच्चों का ज्यादा लॉस नहीं होता है.