ट्रूडो मे माना कनॉडा में है खालिस्तानी आतंकी

ट्रूडो मे माना कनॉडा में है खालिस्तानी आतंकी

कनॉडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हिंदू महासभा मंदिर पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि कनाडा में हिंसा और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा करने वाले सिख और हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। ट्रूडो ने यह भी बात स्वीकार की है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक हैं। इस बीच खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदीप सिंह गिल्ल उर्फ अर्शदीप डल्ला को कनाडा में गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डल्ला को ओंटारियो प्रांत के मिल्टन शहर में 27-28 अक्तूबर को हुई गोलीबारी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उसे जेल से रिहा किया गया है या वह अभी भी हिरासत में है। अर्शदीप को हरदीप सिंह निज्जर का सहयोगी माना जाता है, जिसे पिछले साल ब्रिटिश कोलांबिया में अज्ञात हमलावरों में मार गिराया था। अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला को गिरफ्तार किए जाने की खबर आग की तरह फैल गई है। डल्ला पर भारत में कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना शामिल है।

हालांकि कनाडाई पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, भारतीय मीडिया सूत्रों का दावा है कि डल्ला को पिछले हफ्ते एक गोलीबारी की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था। यह खबर भारतीय जांच एजेंसियों और पंजाब पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो डल्ला को लंबे समय से ढूंढ रहे थे। डल्ला 2018 में कनाडा भाग गया था और माना जाता है कि उसने खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के साथ संबंध बना लिए थे। 2018 में कनाडा भागने से पहले डाला पंजाब के मोगा में एक छोटा गैंगस्टर था। कनाडा में वह खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में आया और उसके साथ काम करने लगा। कनाडा के एक अखबार ‘द ग्लोब एंड मेल’ ने जून में खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर के बारे में एक रिपोर्ट छापी थी। इस रिपोर्ट में अर्शदीप सिंह गिल नाम के एक व्यक्ति का ज़िक्र है, जिसे अखबार ने डाला के नाम से भी संबोधित किया है।

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