दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, जो सर्दियों के महीनों में विशेष रूप से खराब होती है। दीवाली गुज़रने के साथ ही शहर का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। आज सुबह आसमान में धुएं की हल्की परत दिखाई दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह 7 बजे वायु की गुणवत्ता 364 दर्ज की गई। दिन बीतने के साथ ही आकड़ा बढ़ता गया जो सुबह 9 बजे तक 369 तक जा पहुंचा। राष्ट्रीय राजधानी में PM 2.5 का स्तर इस साल दिवाली की आधी रात तक चरम पर पहुंच गया. यह पिछले साल और 2022 में इसी दिन दर्ज स्तर से 13 प्रतिशत अधिक था।
मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार को घोषणा की कि पिछले साल बस मार्शल के रूप में हटाए गए 10,000 सिविल डिफेंस वालंटियर्स (सीडीवी) की तैनाती अगले 2-4 दिनों में शुरू हो जाएगी, ताकि वायु प्रदूषण से लड़ने वाली विभिन्न एजेंसियों की सहायता की जा सके। उन्होंने कहा कि सीडीवी की स्थायी नियुक्ति के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव भी एक सप्ताह के भीतर उपराज्यपाल वी के सक्सेना की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
यहां ये भी बता दे कि ये वायु प्रदूषण हमारी सेहक के लिए भी बेहद खतरनाख है। वर्तमान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), हवा की गुणवत्ता की बात करें तो AQI
- – अच्छा (0-50)
- – संतोषजनक (51-100)
- – मध्यम (101-200)
- – खराब (201-300)
- – बहुत खराब (301-400)
- – गंभीर (401-500)
- – खतरनाक (501+)
दिल्ली मे प्रदूषण के कई कारण है। हाल फिल्हाल में पटाखो को बड़ा कारण कहा जा सकता है। साथ ही पराली के धुएं से भी प्रदूषण फैलता है। लेकिन इसके अलावान वाहनों से उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियाँ, निर्माण और विध्वंस, फसल अवशेष जलाना, कूड़ा जलाना भी एक बड़ा कारण है।
इसके अलावा मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दिल्ली एनसीआर मे आने वाले दिनों में तापमान 32-34 डिग्री रह सकता है। हवा की रफ्तार भी 5 से 15 किमी तक जा सकती है।