16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी रूस द्वारा की जा रही है। 22-24 अक्तूबर के बीच यह सम्मेलन रूसी शहर कजान में हो रहा है। ब्रिक्स दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है और भारत इसका संस्थापक सदस्य है। भारत ब्रिक्स को वैश्विक संतुलन, विविधता और बहुलता का एक अहम मंच मानता है।
पूर्वी लद्दाख में तनातनी कम होने के संकेत के बीच आज भारत और चीन के नेता मिलने वाले हैं. कजान शहर, जहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है वहीं दोनों की मुलाकात होनी है. यह दोनों देशों के बीच 5 साल बाद औपचारिक द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आखिरी मुलाकात पिछले साल 2023 में साउथ अफ्रीका में आयोजित हुई ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ही हुई थी. उससे पहले साल 2020 में दोनों नेताओं की मुलाकात जी-20 समिट 2020 में हुई थी. हालांकि, जी-20 में दोनों नेताओं के बीच किसी प्रकार की कोई द्विपक्षीय मुलाकात नहीं हुई थी. मेजबान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं, जो भारत के साथ-साथ चीन और ईरान से भी अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं.
ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आज होने वाली मुलाकात महत्वपूर्ण हो जाती है. इस द्विपक्षीय बैठक पर दुनिया की नजरें हैं. मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में बॉर्डर पर संघर्ष के बाद इस तरह की पहली बैठक होगी. इससे पहले ब्रिक्स समिट के पहले दिन मंगलवार शाम पुतिन ने विदेशी मेहमानों के लिए डिनर रखा था. जिनपिंग और पीएम मोदी भी साथ थे. इसी दौरान एक फ्रेम में तीनों नेता कुछ अलग अंदाज में दिखाई दिए. इस इनफॉर्मल डिनर में पुतिन जिनपिंग से कुछ कहते दिखाई देते हैं और चीनी राष्ट्रपति मुस्कुराते हैं. इधर पीएम मोदी थम्स अप का इशारा करते हुए मुस्कुराते दिखते हैं. कजान से एक तस्वीर आई है जो मौजूदा समय में एक बड़ा संदेश लिए हुए है |