इजराइली सेना हिजबुल्लाह पर लगातार हमलावर है। उसने पहले तकनीक के जरिए हिजबुल्लाह के लड़ाकों को मात दी। फिर उन पर हवाई हमले करवाए। अब वो आमने-सामने की लड़ाई के मूड में है। इजराइली सेना प्रमुख का कहना है कि वो लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं इजराइल ने लेबनान की सीमा के पास अपने आधुनिक टैंक भी तैनात कर दिए हैं। तो इसका मतलब ये हुआ कि इजराइल, हमास की तरह हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीन पर ऑपरेशन चलाएगा। क्या इजराइल एक वक्त में हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ सकता है। अमेरिका ने संघर्ष के बीच सीजफायर की अपील की है। अमेरिका ने चेताया कि अगर संघर्ष बड़ा तो काफी नुकसान होगा। आखिर वो किस नुकसान की बात कर रहे हैं, जबकि इजराइल तो पहले से अपने दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। क्या लेबनान में घुस कर हमला करना इजराइल की भूल साबित होगी या ये उसकी रणनीति का हिस्सा है। कहीं ये संघर्ष तीसरा विश्वयुद्ध तो नहीं करवा देगा।
ऐसे हमलों में इजराइल ने अब तक हिजबुल्लाह के करीब 6 हजार से ज्यादा ठिकानों को मिट्टी में मिलाया है.. और इजराइल का ये भी दावा है कि हिजबुल्लाह के दूसरी पंक्ति के कमांडर्स को उसने जहन्नुम में पहुंचा दिया है…लेकिन ये जंग इजराइल के लिए इतनी आसान नही है…
हिजबुल्लाह के हमले भी इजराइल की अभेद्य सुरक्षा तंत्र के लिए चुनौती बने हुए हैं…इजराइल की ओर से बताया गया है कि पहली बार हिजबुल्लाह की कोई मिसाइल तेल अवीव तक पहुंची है…हिजबुल्लाह का कहना है कि ये हमला उसने मोसाद के दफ्तर को निशाना बनाकर किया है…फिलहाल हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच छिड़ा युद्ध अब खौफनाक दौर में पहुंच गया है…कहा जा रहा है कि इजराइल हवा के बाद अब जमीन के रास्ते लेबनान में घुसने की रणनीति पर काम कर रहा है…अपने जमीनी ऑपरेशन के लिए उसने पुख्ता तैयार कर ली है…
इजराइल के तेवर बता रहे हैं कि बार हिजबुल्लाह से वो आर पार के मूड में है….गजा की जंग में हमास को धूल चटाने के बाद इजराइल के हौसले बुलंद है…जिसके बाद इजराइल एक के बाद एक अपने सारे दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की तैयारी में जुट गया है…और इसी वजह से इजराइल लेबनान पर घुसकर हिजबुल्लाह पर हमले की तैयारी में है….
िजबुल्लाह से आरपार की जंग के लिए इजराइल ने लेबनान बॉर्डर पर अपनी ताकत बढ़ना शुरु कर दिया है..इजराइल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ जो रणनीति बनाई है…वो अब तक काम सही साबित हुई है…पहले उसने पेजर ब्लास्ट करके हिजबुल्लाह के संचार सिस्टम को ध्वस्त किया…फिर वॉकी टॉकी को बम बनाकर रही सही कसर भी पूरी कर दी…उसके बाद हवाई हमलों में उसने दुश्मन के हथियारों को तबाह किया…फिर फाइटर जेट्स के जरिए उसने हिजबुल्लाह के तमाम कमांडर्स को मारा…दुश्मन को कमजोर करने के बाद इजराइल को लगता है कि हिजबुल्लाह पर अंतिम प्रहार का वक्त आ गया है ..लेकिन जानकारों की मानें तो हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीन पर युद्ध इजराइल के लिए इतना आसान नहीं है…दरअसल हमास के अलग हिजबुल्लाह की ताकत और उसकी पकड़ में काफी फर्क है…जिस तरह से हमास को इजराइल ने घर में घुसकर मारा है…उस तरह हिजबुल्लाह का संहार उसके लिए आसान नही है…हिजबु्ल्लाह लेबनान में केवल सैन्य ताकत का नाम नहीं है…बल्कि उसका वहां की पॉलिटिक्स में जबरदस्त दखल है…उसके लड़ाके आम शहरियों की तरह लेबनान की जनता में घुले मिले हैं…यही नहीं लेबनान आम शहरी हिजबुल्लाह की सबसे बड़ी ढाल हैं…जिसकी बात इजराइल बार बार करता रहा है….
एक तरफ हिजबु्ल्लाह और इजराइल की जंग खौफनाक रुप ले रही है… तो दूसरी ओर फ्रांस और अमेरिका इस जुगत में है कि मामला महाजंग तक ना पहुंचे… इजराइल के हमलों को लेकर ईरान के तेवर भी लगातार तीखे होते जा रहे हैं…इस बीच फ्रांस और अमेरिका ने लेबनान की धरती पर छिड़े युद्ध के बीच 21 दिनों का सीजफायर प्रस्ताव रखा है…दुनिया को पता है कि हिजबुल्लाह और इजराइल का ये युद्ध और ज्यादा खींचा..ये जंग और भी कई देशों को ये अपनी चपेट मेें ले लेगी…लेकिन इज़राइल ने अमेरिका और फ्रांस के संघर्षविराम के प्रस्ताव को मानने से साफ इंकार कर दिया है।