हरियाणा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी और कॉग्रेस की बात नहीं बन पाई। राहुल गांधी की इच्छा के मुताबिक कॉग्रेस और आप मे गठबंधन को लेकर लंबा मंथन चला लेकिन जिस तरह से आज आप ने अपनी 20 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, उससे ये संकेत हैं कि वो सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बात ना बनने का कारण सीट शेयरिग का फॉर्मूला पर बात ना बनना बताया जा रहा है।
असल में हरियाणा में भले ही मुकाबला सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी पार्टी कॉग्रेस के बीच हो , लेकिन वहा क्षेत्रीय दल भी उतने ही हावी है। इसके अलावा कई वोट कटवा पार्टियां भी हैं जैसे बीएसपी, चंद्रशेखर की पार्टी , जेजेपी जो वोट काटने का काम कर सकती हैं। ये ही एक कारण था कि आप से गठबंधन कर कम से कम एक पार्टी को तो अपने पाले में किया जाए। उधर कॉग्रेस इस बार पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में है ,
एंटीइंकंबैसी और किसान पहलवान नाराज़गी के चलते कॉग्रेस को ये ही लग रही है कि वो अकेले दम पर चुनाव जीत सकती है। लेकिन उस वोट कटवा से तो कम से कम बचना ही होगा। ये ही कारण है कि बीजेपी से इतर कॉग्रेस ने अपनी पहली सूची में सबसे भरोसेमंद और निर्विरोध उम्मीदवारों को मैदान में उतारा , लेकिन इसमे भी अभी पूरी लिस्ट का इंतज़ार करना होगा। आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के 20 सीटों के लिए कैंडिडेट घोषित किए हैं।
इनमें 11 सीटें ऐसी है। जहां पर कांग्रेस पहले से कैंडिडेट का ऐलान कर चुकी है। इनमें काफी सीटें ऐसी हैं जिन पर कांग्रेस को 2019 में जीत मिली थी। ऐसे में कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा भी मान रहे हैं। . हरियाणा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा कि आज जारी सूची के उम्मीदवारों को बहुत बधाई. हम जल्द ही अपनी दूसरी लिस्ट भी जारी करेंगे.