नई दिल्ली: गंगा नदी के कायाकल्प और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में नमामि गंगे मिशन 2.0 के तहत चार प्रमुख परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा और चालू कर दिया है। बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की मुख्यधारा में स्थित ये पहल प्रदूषण को रोकने तथा गंगा और उसकी सहायक नदियों के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के चल रहे प्रयासों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
920 करोड़ रुपये की लागत से बनी ये परियोजनाएँ सीवेज शोधन क्षमता में 145 एमएलडी तक की वृद्धि करेगी, बेहतर सीवर नेटवर्क प्रदान करेंगी और कई नालों को रोकेंगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा निर्धारित कड़े निर्वहन मानकों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई ये पहल गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल की गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार सुनिश्चित करती हैं।