डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पैरोल मिली |

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पैरोल मिली |

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मंगलवार (1 अक्टूबर) को पैरोल मिल गई है. डिविजनल कमिश्नर रोहतक ने राम रहीम को पैरोल दी है. इसके बाद बुधवार को डेरा प्रमुख जेल से बाहर आ जाएगा. हालांकि राम रहीम की पैरोल पर सवाल भी उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि 20 दिन की परोल स्वीकार होने के बाद राम रहीम दो अक्टूबर को जेल से बाहर आ सकता है। पांच अक्टूबर को हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। परोल के दौरान वह चुनाव को कितना प्रभावित कर पाएगा, इस पर अभी से तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने का हरियाणा कांग्रेस ने विरोध किया है. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर कहा है कि राम रहीम के श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी है, जो चुनाव को प्रभावित कर सकती है. साथ ही कांग्रेस की तरफ से पत्र में ये भी कहा गया कि राम रहीम के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उसे चुनाव के दौरान पैरोल नहीं दी जानी चाहिए.इससे पहले डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह ने 20 दिन की पैरोल का अनुरोध किया था.आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण डेरा प्रमुख का पैरोल का आवेदन निर्वाचन कार्यालय को भेज दिया गया था, जिसने जेल विभाग से अनुरोध के पीछे ऐसे आकस्मिक और आवश्यक कारण बताने को कहा है,

जो चुनाव के दौरान दोषी को पैरोल पर रिहा करने को उचित ठहराते हों. चुनाव आयोग ने राम रहीम के हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि इस दौरान वह बागपत के अपने बरनावा आश्रम में रह सकता है। इसके पूर्व भी परोल-फरलो मिलने के बाद वह इस जगह पर रुक चुका है। हालांकि, हरियाणा के बेहद करीब होने के कारण इस दौरान भी वह राजनीतिक रूप से प्रभावशाली रह सकता है।डेरा प्रमुख ने अनुमति मिलने की सूरत में पैरोल अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत में रहने की बात कही है.

इस साल अगस्त में सिंह को 21 दिन की फरलो (छुट्टी) दी गई थी. गौरतलब है कि पहले भी गुरमीत राम रहीम के कुछ पैरोल और फरलो पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में चुनावों के साथ मेल खाते थे. उसे पंजाब विधानसभा चुनाव से लगभग दो हफ्ते पहले सात फरवरी, 2022 से तीन हफ्ते की फरलो दी गई थी. बता दें कि पिछले 9 महीनों में यह उसकी तीसरी अस्थाई रिहाई होगी और 4 साल पहले दोषी करार दिए जाने के बाद से 15वीं बार जेल से बाहर आएगा। उसकी रिहाई को लेकर कांग्रेस पार्टी ने डर जताया है।

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