महाराष्ट्र, 11 मई (Political Insight): महाराष्ट्र की राजनीति में मंत्री नितेश राणे के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। राणे ने AIMIM और पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। नितेश राणे ने कहा कि AIMIM एक “आतंकी संगठन” की तरह काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ओसामा बिन लादेन और असदुद्दीन ओवैसी में ज्यादा अंतर नहीं है। राणे ने आरोप लगाया कि जिस तरह ओसामा बिन लादेन अल-कायदा की मदद से काम करता था, उसी तरह ओवैसी अपनी पार्टी AIMIM के जरिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुने जाने के बाद से अब तक AIMIM ने कोई बड़ा जनहित का कार्य नहीं किया है और पार्टी का एजेंडा केवल “जिहाद की राजनीति” तक सीमित है। राणे ने यह भी कहा कि जिस प्रकार कुछ संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसी तरह AIMIM पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
नितेश राणे ने कहा कि “क्या हमने अशोक खरात का समर्थन किया? किसी भी हिंदू नेता या संगठन ने उनका साथ नहीं दिया। हमारे हिंदू समाज का स्पष्ट कहना है कि दोषियों को फांसी दी जानी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि “निदा खान के बारे में बोलने की हिम्मत क्यों नहीं की जाती, यह भी बताया जाना चाहिए।”
इससे पहले भी पिछले सप्ताह शुक्रवार को नितेश राणे ने AIMIM को “आतंकवादी संगठन” करार दिया था। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी के एक पार्षद पर नासिक के टीसीएस यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पनाह देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।