चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ गंभीर आरोपों पर कार्रवाई की मांग की। जाखड़ ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पर विधानसभा में नशे की हालत में आने के आरोप लगे हैं, जो न केवल संवैधानिक गरिमा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें अपमानित और धमकाया गया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर पूरे मामले की सच्चाई जानें। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यपाल को नौकरशाही को इस सरकार से सुरक्षा का भरोसा दिलाना चाहिए, ताकि प्रशासन निष्पक्ष और निर्भीक होकर काम कर सके।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जाखड़ ने चिंता जताई कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जहां प्रशासनिक स्थिरता और नेतृत्व की गंभीरता बेहद अहम होती है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पर लगे आरोप सही हैं, तो यह राज्य की सुरक्षा और शासन व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पंजाब की राजनीति में सत्ता और प्रशासन के बीच टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह विवाद राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है। अब सबकी नजरें राज्यपाल की अगली कार्रवाई और इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।