उत्तर प्रदेशः– उत्तर प्रदेश के जेवर में आज एक ऐतिहासिक पल दर्ज होने जा रहा है। PM Modi नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर भारत में हवाई यात्रा और व्यापार दोनों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रीन एयरपोर्टः-
आपको बता दे कि यह एयरपोर्ट खास तौर पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसे एक “ग्रीन एयरपोर्ट” के रूप में विकसित किया गया है, जहां कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम रखने का लक्ष्य है। ऊर्जा-कुशल सिस्टम, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवस्थाएं इसे देश के सबसे उन्नत ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में शामिल करती हैं। यही कारण है कि इसे भारत के सतत विकास (Sustainable Development) के उदाहरण के तौर पर भी देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिहाज़ से यह एयरपोर्ट बेहद अहम साबित होगा। अभी तक पूरे क्षेत्र का दबाव मुख्य रूप से Indira Gandhi International Airport पर था, जहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जेवर (Jewar) एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल भीड़ कम होगी बल्कि यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक विकल्प भी मिलेगा। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए यात्रा करना आसान हो जाएगा।
अगर हम इस एयरपोर्ट की क्षमता की बात करें तो शुरुआती चरण में यहां हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में इसके विस्तार की योजना है, जिसके तहत इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 7 करोड़ यात्रियों तक की जाएगी। यह इसे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा।
यह सिर्फ यात्री सेवाओं तक ही यह परियोजना सीमित नहीं है। यहां एक अत्याधुनिक कार्गो हब, लॉजिस्टिक्स ज़ोन और इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल भी विकसित किया गया है। इससे व्यापार, निर्यात-आयात और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के जरिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग को जोड़ने की योजना भी इस प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाती है।
कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के एविएशन सेक्टर में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। यह न सिर्फ देश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।