PM मोदी कल जारी करेंगे PM-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त

PM मोदी कल जारी करेंगे PM-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त

नई दिल्ली/गुवाहाटी:– PM मोदी शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान PM-किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के तहत देशभर के करीब 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,640 करोड़ की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और किसानों की मेहनत के चलते पिछले कुछ वर्षों में भारत के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि एक समय अनाज की कमी से जूझने वाला भारत आज कृषि उत्पादन के मामले में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि भारत अब करीब 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ चीन को पीछे छोड़कर दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2014 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन करीब 252 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर लगभग 357 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसी तरह बागवानी क्षेत्र में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। फल और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 369 मिलियन टन हो गया है।

दालों के उत्पादन को लेकर भी उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत अब दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश बन चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार तुअर, मसूर और उड़द जैसी दालों की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद कर रही है ताकि किसानों को बेहतर कीमत मिल सके।
कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार ने “भारत विस्तार” (Bharat Vistar) नाम से एक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान सिर्फ एक फोन कॉल के माध्यम से अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी जानकारी, सलाह और समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। पिछले वर्षों में गेहूं, धान, कपास, तिलहन और दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड खरीद की गई है। साथ ही किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में वित्तीय सहायता भी लगातार बढ़ाई गई है। 2014 में जहां कृषि ऋण का आकार करीब ₹8.45 लाख करोड़ था, वह अब बढ़कर लगभग ₹28.69 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को अब तक करीब ₹2 लाख करोड़ की क्लेम राशि दी जा चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र के बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। UPA सरकार के समय जहां कृषि बजट लगभग ₹27,000 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर सालाना ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।

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