नई दिल्ली:- लोकसभा का छठा सत्र आज शुक्रवार को औपचारिक रूप से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। समापन से पूर्व अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए इस सत्र की उपलब्धियों का उल्लेख किया और सदस्यों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, “माननीय सदस्यगण, 18वीं लोकसभा के छठे सत्र में 15 बैठकें आयोजित हुईं। सभी के सहयोग से सत्र की उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही। इसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।” इसके बाद सदस्यों से ‘वंदे मातरम’ की धुन पर खड़े होने का आह्वान कर सत्र को अनिश्चितकालीन स्थगन की घोषणा की।
अनिश्चितकालीन स्थगन का तात्पर्य है कि अगली बैठक केंद्र सरकार की सिफारिश और राष्ट्रपति की अनुमति पर ही होगी।
ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, “18वीं लोकसभा के छठे सत्र का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सत्र 1 दिसंबर, 2025 को आरंभ हुआ जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित हुई। सभी माननीय सदस्यों के सहयोग से सदन की उत्पादकता 111 प्रतिशत के करीब रही। सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए माननीय प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सत्ता पक्ष एवं प्रतिपक्ष के सभी माननीय सदस्यों, लोक सभा सचिवालय तथा मीडिया के प्रति हार्दिक आभार।
सत्र के अंतिम दिन भी संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने मनरेगा के नाम परिवर्तन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘मनरेगा को मत मारो’ के नारे लगाए। आपको बता दें, कि गुरुवार को भारी हंगामे के बीच ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन विधेयक-जी राम जी’ पारित हुआ।
यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 की जगह लेगा। सरकार के इस फैसले के खिलाफ विपक्ष लामबंद है और प्रदर्शन कर रहा है।