ढाकाः- तारिक रहमान ने आज बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्हें मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उल्लेखनीय है कि यह शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक स्थल बंगभवन के बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में आयोजित किया गया, जिसे राजनीतिक बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में संपन्न 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। दक्षिणपंथी दल जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को इस चुनाव में भाग लेने से रोक दिया गया था, जिससे चुनावी परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
संसदीय दल के नेता चुने गए तारिक रहमानः-
शपथ ग्रहण से पहले BNPके निर्वाचित सांसदों ने सर्वसम्मति से तारिक रहमान को संसदीय दल का नेता चुना, जिसके बाद उनके प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। 60 वर्षीय रहमान ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने, आर्थिक स्थिरता बहाल करने और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
समारोह में अंतरराष्ट्रीय उपस्थितिः-
इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समारोह में उपस्थित रहे। इसके अलावा दक्षिण एशियाई देशों और अन्य साझेदार राष्ट्रों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस राजनीतिक परिवर्तन के क्षेत्रीय महत्व को रेखांकित किया।
गौरतलब है कि इस नई सरकार के सामने आर्थिक पुनरुद्धार, महंगाई नियंत्रण, विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति सुधारना और रोजगार सृजन जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मानवाधिकार और संस्थागत संतुलन को किस प्रकार आगे बढ़ाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव और सत्ता परिवर्तन बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले समय में नई सरकार की नीतियां न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव डाल सकती हैं।