नई दिल्लीः- PM मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ उनकी मुलाकात से भारत-फ्रांस संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और वैश्विक प्रगति में दोनों देशों की साझा भूमिका और सशक्त होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रॉ का भारत आगमन दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी आज मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रॉ से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह मुलाकात रक्षा, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।
आपको बता दे कि दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 (India-France Innovation Year 2026) का औपचारिक उद्घाटन भी करेंगे, जिसके तहत स्टार्टअप, अनुसंधान, उच्च शिक्षा, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकियों में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
AI इम्पैक्ट समिट 2026 पर रहेगा विशेष फोकसः-
राष्ट्रपति मैक्रॉ प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर हैं। इस शिखर सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार उपयोग, नैतिक मानकों, डेटा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल साउथ के लिए एआई समाधानों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, AI समिट में सरकारों, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और नीति निर्माताओं की भागीदारी होगी। भारत और फ्रांस AI रिसर्च, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में संयुक्त पहल की घोषणा कर सकते हैं।
व्यापार और रक्षा सहयोग पर भी चर्चाः-
गौरतलब है कि इस द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा सहयोग, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा और रक्षा निर्माण में साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार होगा। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, जलवायु परिवर्तन और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत होगी।
दोनों नेता भारतीय और फ्रांसीसी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संस्थापकों और शोधकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान निवेश, तकनीकी साझेदारी और इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
रणनीतिक साझेदारी को नई दिशाः-
भारत और फ्रांस के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत लगातार मजबूत हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति मैक्रॉ की यह यात्रा विशेष रूप से AI और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को गहराई देगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भारत और फ्रांस की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।