नई दिल्लीः- संसद के बजट सत्र के दौरान सियासी टकराव तेज हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कथित रूप से निराधार बयान देने और सदन को गुमराह करने के आरोप में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाएगी।
मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गंभीर, निराधार और झूठे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोप लगाने से पहले न तो कोई ठोस प्रमाण पेश किया गया और न ही सदन के नियमों के तहत पूर्व सूचना दी गई। रिजिजू ने सवाल उठाया कि बिना प्रक्रिया का पालन किए इस तरह के आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में किसी भी मंत्री या सदस्य पर आरोप लगाने के लिए स्पष्ट नियम और कार्य संचालन की निर्धारित प्रक्रिया है। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य या मंत्री पर आरोप लगाता है तो उसे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उसे प्रमाणित करना होता है। रिजिजू ने राहुल गांधी से सदन में कही गई बातों को प्रमाणित करने या फिर उन्हें वापस लेने की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ भी बिना नोटिस दिए टिप्पणी की, जो विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष को आवश्यक नोटिस सौंपेगी और नियमों के तहत कार्रवाई की मांग करेगी।
रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर रचनात्मक चर्चा करने के बजाय भ्रामक और राजनीतिक आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता की ओर से कोई ठोस या सकारात्मक सुझाव नहीं दिया गया।
उधर, इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। संभावना है कि विशेषाधिकार नोटिस पर आगे की कार्रवाई को लेकर लोकसभा अध्यक्ष निर्णय लेंगे, जिसके बाद मामला विशेषाधिकार समिति को भी भेजा जा सकता है।