यूपी बजट 2026-27 आज पेश होगा: 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है आकार

यूपी बजट 2026-27 आज पेश होगा: 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है आकार

लखनऊः- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज अपना दसवां लगातार बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सुबह 11 बजे विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, ऐसे में इसे राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस बार बजट का आकार 9 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है, जो प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो परियोजनाओं और औद्योगिक निवेश पर विशेष जोर दिया है। ऐसे में इस बार भी इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन पर बड़े ऐलान की उम्मीद जताई जा रही है।

आपको बता दे कि बजट पेश होने से पहले सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दी गई। बजट प्रस्तुति के बाद दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रमुख घोषणाओं की जानकारी देंगे। वहीं, दोपहर 2 बजे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रेस वार्ता कर बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
  • राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी वर्ष से पहले सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
  • रोजगार और उद्योग: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और MSME सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान संभव हैं।
  • किसान और ग्रामीण विकास: कृषि सब्सिडी, सिंचाई परियोजनाएं और ग्रामीण सड़कों के लिए अतिरिक्त आवंटन की संभावना।
  • महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों, कन्या शिक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • बुनियादी ढांचा: गंगा एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, नए मेडिकल कॉलेज और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए भारी बजट आवंटन की उम्मीद।
  • ऊर्जा क्षेत्र: प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए नई पावर परियोजनाओं, सौर ऊर्जा और ट्रांसमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के लिए भी बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं।

सरकार पहले ही 24×7 बिजली आपूर्ति का दावा कर चुकी है, ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र बजट का प्रमुख हिस्सा रह सकता है।

इस बजट को लेकर सरकार का कहना है कि यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह बजट “ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बजट विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम होगा।

वहीं विपक्ष ने बजट से पहले ही सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि पिछले बजटों की कई घोषणाएं धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हो सकीं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार आंकड़ों और विज्ञापनों में विकास दिखाती है, जबकि महंगाई और बेरोजगारी की समस्या बरकरार है। कांग्रेस और बसपा ने भी किसानों की आय, बिजली दरों और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव से पहले पेश हो रहा यह बजट प्रदेश की जनता को कितना राहत और विकास का भरोसा दे पाता है, और क्या यह सरकार की राजनीतिक रणनीति को भी मजबूती देगा।

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