गुजरातः- गुजरात की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। WeePresideऔर CIF द्वारा किए गए Pulse of Gujarat 2026 सर्वे के अनुसार आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए राज्य में दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में अपनी जगह बना ली है। सर्वे के नतीजे संकेत देते हैं कि गुजरात की सियासत अब पारंपरिक BJP बनाम कांग्रेस के ढांचे से निकलकर BJP बनाम AAP की ओर बढ़ रही है।
आपको बताते चले, सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 24.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह बढ़त न सिर्फ AAP के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि कांग्रेस के लगातार कमजोर होते जनाधार की ओर भी इशारा करती है। लंबे समय से भाजपा के गढ़ माने जाने वाले गुजरात में विपक्ष की भूमिका को लेकर अब नया राजनीतिक विकल्प उभरता हुआ दिख रहा है।
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी मतदाताओं, युवाओं और पहली बार वोट करने वालों में AAP की पकड़ मजबूत हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार विरोध और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीति ने पार्टी को वैकल्पिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद की है। वहीं कांग्रेस संगठनात्मक कमजोरी, नेतृत्व संकट और जमीनी सक्रियता की कमी से जूझती नजर आ रही है।
सर्वे यह भी दर्शाता है कि यदि यही रुझान आगे भी जारी रहे तो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा को मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से मिल सकता है। हालांकि भाजपा अब भी राज्य में सबसे मजबूत दल बनी हुई है, लेकिन विपक्षी खेमे में यह बदलाव गुजरात की राजनीति के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार Pulse of Gujarat 2026 सर्वे के नतीजे आने वाले समय में चुनावी रणनीतियों, गठबंधनों और मुद्दा-आधारित राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं। गुजरात में अब मुकाबला केवल सत्ता बनाए रखने का नहीं, बल्कि विपक्ष में नेतृत्व की लड़ाई का भी बनता दिख रहा है।