नई दिल्ली/लखनऊ:- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दिल्ली के सरोजनी नगर स्थित अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लांट का उद्घाटन किया। इस वर्ल्ड-क्लास ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से प्रतिमाह 2,500 EV तैयार होंगे, जो स्थानीय रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा।
राजनाथ सिंह ने कहा, “भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है। भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।” इस उद्घाटन समारोह में राजनाथ सिंह ने जोर दिया और कहा कि पारंपरिक ईंधन वाहनों की जगह EV लेंगे, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण आज की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सरकार ने नियम सरल बनाए हैं और उद्योगों को ऑनलाइन मंजूरी प्रक्रियाओं से सहूलियत दी है। यह प्लांट प्रस्तावित 24 महीनों के बजाय रिकॉर्ड 18 महीनों में तैयार हुआ, जो उद्योगों का सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। डबल इंजन सरकार के तहत यूपी में मजबूत कानून-व्यवस्था, सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर ने निवेश का माहौल तैयार किया है।
उन्होने आगे कहा कि अगले पांच वर्षों में यहां हजारों करोड़ का निवेश होगा, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यूपी सरकार की ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ और ‘उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं डिफेंस यूनिट एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति’ राज्य को रक्षा-उद्योग हब बना रही हैं।
राजनाथ सिंह ने रक्षा उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि 2014 में 46,000 करोड़ का घरेलू उत्पादन आज 1.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जबकि निर्यात 1,000 करोड़ से बढ़कर 24,000 करोड़ रुपये पहुंचा। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ से रक्षा क्षेत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में लखनऊ की ब्रह्मोस एयरोस्पेस फैक्ट्री ब्रह्मोस मिसाइल बना रही है।
उन्होंने कहा, “जो यूपी कभी ‘बीमारू’ कहलाता था, आज वह औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।” कौशल विकास पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। 2047 तक—आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर—यूपी रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में देश का नेतृत्व करेगा। यह विकसित भारत का संकल्प है।